उनके पहलु से आज जाने का दिल न करे
रात रुक जाए और सुबह का घूंघट न उठे
उनको देखते रहें और वक़्त यों ही थम जाए
और वो थम हुआ क्षण ही बन जाये हयात ||
रात रुक जाए और सुबह का घूंघट न उठे
उनको देखते रहें और वक़्त यों ही थम जाए
और वो थम हुआ क्षण ही बन जाये हयात ||
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