Wednesday, May 25, 2016

Broken - Tiny Story#1

She said "I got a damage today, thanks to you"
He said "damages are not permanent. They are either repairable or replaceable"
"We couldn't repair or replace it. Her heart was broken" told the doctors.

Look

The way you look at me
I feel naked with a bare soul
Its like you know me as i know myself
With your eyes glaring through my soul

The love in your eyes speaks to me
And tells me the story we are
Dont know what the future beholds
But the present is beautiful as you are

आशिकी

है बेपनह आशिकी, तेरी नज़्म मैं, नक्श मैं, नाज़ मैं
ढेरों भरी मोहबत तेरे हर एक अंदाज़ मैं
उन आँखों की गेहराई देखे है मुझे हर पल,
डूबता जाता हूँ तेरे प्यार के आगोश मैं ||

Sunday, May 22, 2016

मसले

साल गुज़र गए पर मसले वही हैं
उम्मीदों के शिखर फिर भी खड़े यहीं हैं
थम कर बोला वक़्त, कि समय सही है
सुलझा लो ये मसले, कि गिले शिकवे नहीं हैं||

जज़्बात

|| मेरे अल्फ़ाज़ों में जज़्बात न ढून्ढ,
वो तो कहीं पीछे छोड़ आया चलते चलते ||

|| मेरे जज़्बातों को पंख लग गए अल्फ़ाज़ों के,
उड़ कर जाने कैसे पहुंच गए तुम तक ||

|| तेरे जज़्बात बन गए मोहताज अल्फ़ाज़ों के
वरना आँखों से ही क़त्ल कर दिया करती थी||

रश्क

ज़िन्दगी से रश्क मत कर
मोहोबत्तेन जूनून करता जा
इश्क़ मैं तू रमता जा
गम को अब फना कर दे||

दर्द

आज तेरे दिल से कुछ पुछा था मैंने
कैसे सहते हो तुम इतना दर्द
वो हस पड़ा और बोला,
ये दर्द ही तो है, जो मेरा साथी है
मेरे होने का परिभाषि,
मेरे वजूद का साक्षी और 
मेरी धड़कन का वासी है||

आंसू

कल तेरे आंसू तेरी कहानी कह गए
तेरे दिल का हाल बेज़ुबानी कह गए
ये बेशकीमती हैं, न बहने दो इस तरह
इनकी कीमत ये दुनिया न मोल पायेगी||

फ़रियाद

आपसे फ़रियाद भी है और आपकी आरज़ू भी
कितने दूर हो हम से, हो दिल के पास भी 
आदत हो गयी है आपकी कुछ ऐसी जैसे 
आइने से हो झांकती छवी हमारी जैसे||

कुछ बोल

एक अधूरी कविता ... 

कुछ बोल, ऐसे जो कागज़ के पन्नों पर,
कुछ बोल, ऐसे जो दिल को दस्तक दें
कुछ बोल, जिनको पंख हैं लग गए,
कुछ बोल, ऐसे जो धुन में खो गए

कुछ बोल, वो, जो झकझोर दें
कुछ बोल, ऐसे, जो सोने न दें
कुछ बोल, काली घटा हों जैसे
कुछ बोल, ऐसे, जली ज़ुबाँ हों वैसे

कुछ बोल, नज़रों से हैं झांकते
कुछ बोल, मुझसे दिल हैं मांगते
कुछ बोल, जो मन मैं हैं बस गए
कुछ बोल, जो खिखिला के हस गए

कुछ बोल, ऐसे जो बोल न पाएं
कुछ बोल, वो भी जो सुने न जाएँ
कुछ बोल, बोल के थक जाएँ
कुछ बोल, सुनके सुकून न आये

कुछ बोल, जिनकी शक्ल भी हो
कुछ बोल, वो जो बेशक्ल हों
कुछ बोल, वो जो आईने कहें
कुछ बोल, जो खामोश रहें

कुछ बोल, जो की ज़िन्दगी हो
कुछ बोल, जिनसे, ज़िन्दगी हो
कुछ बोल, जो हमसफ़र बन गए
कुछ बोल, जो बेफिकर कर गए

कुछ बोल, चुभते तीर की तरह
कुछ बोल, जो दिशाहीन हैं
कुछ बोल, जैसे धूप में छाओं
कुछ बोल, जैसे, जलती धरती पर नंगे पाओं

कुछ बोल, ऐसे, जैसे वक़्त के साये
कुछ बोल, जो रेत पर लिख जाये
कुछ बोल, लिख कर भी लिखें न जाएं
कुछ बोल, पढ़ कर भी सुने न जाएं

....

फिर एक शाम

फिर एक शाम ने दस्तक दी,
दिल ने उमंगों की उड़ान सी ली
वही था जाम वही थी साकी
फिर उसी तरह दिल से उम्मीद थी जागी

दिल के किसी टुकड़े ने अंगराई ली
आज फिर वही शाम है, एक आगाज़ दी
कुछ पल हैं तेरे पास, आज जी ले इन्हें
वही साकी से वही जाम, फिर पी ले इन्हें||

गुफ्तगू

आज अपने आप से कुछ गुफ्तगू की
यों दिल भर आया, कुछ आरज़ू की
फिर आब ऐ तलख की ख्वाइश की
इस समां ऐ अकसर की जुस्तजू की

यूँ हैरान हुए खुद ऐ अश्फ़ाक़ पर
क्या अब यकीन हुआ अपने आप पर
इस दुनिया के असीर अब न बन पाएंगे
अस्हाब इस दिल के हम खुदी हैं||

आसमान

यह नीलां आसमान, यह तरो ताज़ी हवा
कहती है मुझसे अब कहीं तू न जा
यह ज़मीन है तेरी, और है आसमान
आ अब आकर यहीं बस जा

पर कैसे रह जाऊं मैं यहां
न ये ज़मीन है मेरी, न है आसमान
बंधें हैं ये सब भी मेरी तरह
इनको भी नाम दे दिया इंसान

अब ये इनके हैं मेरे नहीं
ये वो मेरा है तेरा नहीं
इन्ही ख्यालों में बंध गए हैं यहां
सुनता हूँ में शोर जाऊं अब जहां

हमको बाँध दिया है हमने,
लकीरें खींच खींच हर जगह
ज़मीनो पर तो दिखती नहीं,
दिलों की ये दूरियां

अब बांधने चलें हैं हम
एक दुसरे की परछाइयाँ
न तुझ पर गिरें, न मुझ पर गिरें
और गहरी हो जाएँ ये गहराइयाँ

चलो दूरयां सही, ये मजबूरोयां सही
लौट के आऊंगा मैं अब ये वादा रहा
ये नकली लकीरें ना रोक पाएंगी मुझको
मैं आऊंगा तेरे आगोश में फिर से यहां||

उस शाम

उस शाम की खुशबू है अभी तक,
उन आँखों की गरमी है अभी तक
वो तेरी बातें, वो हिचकिचाना
वो मुझे छूके पीछे हट जाना

थोडी शरारत, थोडी मासूमियत
और उन अदाओं का रंग बिखरना
याद आते हैं मुझको, उस शाम के हर पल
फिर जी लेते हैं तेरी आँखों से, उस शाम के हर पल||

तसवीरें

काश कुछ तसवीरें आपकी हमने भी ली होती
यौं सुलगते न रहते अरमान हमारे
कि जब नजरों से ओझल होते हो
ढूढ ढूढ तरसे नयन हमारे

जब तू नहीं तेरी तसवीर सही
बेसब्र दिल को बहलाना है
कि जब तक ना मिलें अगली बार
तब तक यह दिल का ठिकाना है

कि यह आवारा दिल भठकता है
यहाँ से वहाँ बहेकता है
हम समझाते इसको बहुत
फिर भी रहता है बेबस, विचलित

थोडा ठहराव थोडा सुकून
मिल जाता हे इसको
जब बोले तसवीर तुम्हारी
कल मिलने का वादा है||

अनजान चेहरा

पिछले कुछ दिनै से क्या हो गया
ऐक अनजान चेहरे का अरमान हो गया
मैं मजबूर हूँ या नादान सही
ऑंखें ढूँढती अब सूरत वही

रेशमी जुल्फों की परछाईंया
सुरमई ऑंखें जो उठती नहीं
होठों का कम्पन देखो तो
प्यार कर बैठें तुझे वहीं

अरमान यही फरमान यही
एक बार फिर मिल जा कहीं
तेरे सिवा न भाए कोई
एक बार फिर मिल जा कहीं||

निगाहें और इश्क़

दो प्रेमियों की गुफ्तगू:

1:
नए ही नक्श हैं, नए मिजाज़ आज
कहाँ से आता है इतना इश्क़ जनाब
इश्क़े दास्तां आपकी महरबानी हे
मिजाज़ आपका शेतानी हे||

2:
नक्श तो वही पुराने हें
उनहें देखने वाली निगह रुहानी हे
निगाहें ही तो सारे रश्क़ कर गयीं
दोनों के दरमियाँ, कितना कुछ शुरू कर गयीं||

1:
निगाहों को सारा दोष ना दो
ये तो झरोखें हें दिल की
असली मुलज़िम तो ये दिल हे,
जो धड़कना सीख गया
अरसे बाद धड़का है
बड़ा हसीं एहसास है
दिल का एक टुकड़ा
अब तुम्हारे पास है||

2:
तुम रखना संभाल के जो
दे दिया तुम्हें अनजाने में एक बार
फिर अरसा गुज़ारने की हिम्मत कम बाकी है
हसरतों का हुजूम है बेबाक फिरती हैं नज़रें
सुलूक ये सारा बस तुमसे ही सीखा मैंने||

1:
ये आँखें तुम्हारी, हैं अमानत हमारी
इन्हें रोने का हक अब नही है
जिस दिन बहें ऑसू इनसे
कर्ज़दार हो जाओगे आप हमारे||

Saturday, May 21, 2016

सवाल जवाब


ये बातचीत है दो मित्रों के बीच जो प्यार के सैलाब मैं फंसे हुए हैं... 
कुछ सवाल हैं कुछ जवाब हैं... दोनों मित्र सवालों के जवाब ढून्ढ रहे हैं | 

1:
तेरे होंठो की लाली कुछ कहती है मुझ से,
कितने सवाल बसें हें तेरे मन में
कुछ के जवाब में तुझे दूंगा और
कुछ के जवाब छुपे हें तेरे दिल में||

2:
सवाल जवाब में देखना तारीखें न बीत जाएँ 
तारीखों के बाद चंद सवाल न बदल जाएँ
जो कुछ है, कह दो आज
मेरे जवाबों के फ़लसफ़े कहीं इंतज़ार न बन जाएँ||

1:
न सवाल हों न जवाब हों
तारीखें तभ भी बदलेंगी
कुछ तारीखोें के इंतज़ार में तारीखें और भी बदलेंगी
कुछ हम जवाब देंगे कुछ तुम सवाल कर लेना
दिल की हर तारीख का हिसाब तुम कर लेना||

2:
क्योंकर मोहताजी है सवाल फिर जवाब की
क्यों नहीं बेपनाही थोड़े इश्क़ थोड़े सरफ़राज़ की
न इंतज़ार हो, न उम्मीद,न रश्क़, न मायूसी
क्यों नहीं इस बार आज़ादी सिर्फ दीदार की||

1:
बेपनाह इश्क़ हे, हे बेखुदी दीदार की
सब हदें टूट गयीं, बेसब्र प्यार की
ऑखें बैठी इंतज़ार में, उम्मीद उमड़ पड़ी है
मायूसी इसे न कहना, यह इबादत है यार की||

2:
इबादत कब इबारत में बदल जाये,
होश नहीं रहता अब तो इफ़्तार हो, इंतज़ार बहुत हुआ||

1:
यह इबारते इबादत ही तो हे
हर शब्द तेरीे तारीफे नोश हे
यों तो लब्जों की इफ़्रात हे
पर इन्तिख़ाब एक इम्तिहान हे||

निराशा और आशा

ये पंक्तियाँ है एक वयक्ति जो निराश है और उसका मित्र उसको आशा की राह दिखाने की कोशिश मैं |

निराश मित्र:

तेरे ज़िक्र में मेरा ख़्याल नहीं 
मेरे ख़्याल में तेरा ज़िक्र नहीं 
किस मोड़ पे आ गए हाथों में हाथ लिए 
एक दूसरे की फ़िक्र नहीं! 
वक़्त नहीं,जस्बात नहीं 
तू तू नहीं, मैं मैं नहीं; 
ये वो दुनिया नहीं, ये पहले जैसी ज़िन्दगी नहीं!!

आशावादी मित्र: 

ना मायूस हो न गिलाह करो 
ज़िन्दगी से तुम सुलह करो 
यह दुनिया मन का आईना हे 
हर पल रंग बदलती हे 
आज दुख के छाए बादल हें 
कल सुख की वर्षा बरसेगी 
दिल के दरवाज़े को दस्तक जो दोगी 
पा जाओगी राह नई 
और जो दस्तक ना भी दी अगर 
खुल जाऐंगे द्वार कई 
एक बार जो मुढ़ के देखो 
खुल जाऐंगे द्वार कई||

उदासीन

आज दिल कुछ रूठा रूठा है,
जाने क्यों टूटा टूटा है
न उनसे कुछ फरियाद है,
न खुद से कोई शिकवा है

फिर क्यों ये इतना व्याकुल है,
ग़मगीन विभोर मचलता है
सागर जैसे उठती हो लहरें,
वैसे हिचकोले खाता है

न समझ सके न समझा पाये,
न बोल सके न बतला पाये
हम प्यार में इतने व्याकुल थे,
उनको दर्दे दिल दे आये

अब क्या बोलों कैसे बोलें,
कैसे अपना हाल बताएं
उनसे हटकर एक पल भी,
ये दिल, न रहता है न रह पाये ||

ख्यालों की ख़ामोशी

यह दिल ऐ बयान है आशिक़ और महबूबा के बीच 

आशिक़ कहता है:

कमज़ोर है ये दिल, आशिक़ाना है
बेबाक हद के बाहर, दीवाना है
न समझता है, न ठहरता है
उसके प्यार का अफ़साना है

न फ़िक्र कर न इल्म कर
न इश्क़ ऐ वज़ूद की ख्वाइश
बेपाक मोहब्बत करता जा
न कोई प्यार की नुमईश

दर्द तो होगा, सेहता जा,
ज़हर भी दो घूँट पीता जा
हर वक़्त उसके ख्यालों में,
ऐ खुशामदीद तू जीता जा ||

जवाब मिलता है:

ख्यालों की ख़ामोशी क्यों है 
जब रूबरू खुद अफ़साना है 
इश्क़ की नुमाइश से हिचकिचाहट क्यों है 
जब तसव्वुर में खुद दीवाना है 
कह दो न ये कश्मकश क्यों है 
जब इश्क़ खुद आमादा है 
बस एक बार खुद को बेरोक छोडो 
फिर देखो क्या नज़राना है ||

फिर आशिक़ जवाब देता है :

बेरोक छोड़ा जो खुद को तो क़यामत होगी 
पूरी दुनिया से रूबरू मोहब्बत रुस्वा होगी 
यूँ तो एलाने इश्क़ कर दें हम बेहिचक 
आपकी आँखों की मासूमियत है हमें रोकती

दूर

आज जब जा रहा हूँ तुझ से दूर
दिल में एक अजीब सी उदासी छाई
आज जब दिल ने दी आवाज़
याद आया हर तेरा अंदाज़

वो गहरी आँखें तेरी या रेशमी बाल
याद आएंगे मुझको हर पल हर हाल
मत कर मुझसे कोई सवाल
मुश्किल होगा दिल को रखना संभाल

Friday, May 20, 2016

खुद से प्यार हो गया

ये झूलते आसमान का नीला समां
ये  मदहोश कर देने वाली हवा
क्यों पुकारें हैं मुझको ये वादियां
वक़्त जैसे हो थम गया

इतने लोगों में अहसास हुआ है
मैं अकेला हूँ, आभास हुआ है
अब दिल को सुकून है आया
दिल को आज यही है भाया

शोर के बीच ख़ामोशी छाई
निर्विगन मधु की मधहोशि छाई
अपने वर्चस्व का एहसास हो गया
खुद से एक बार फिर प्यार हो गया

इश्क़

जो कभी इज़हार न हो वो इश्क़ है
जिसका  कभी इंतज़ार न हो वो इश्क़ है
जो लफ़्ज़ों से कह न पाएं वो इश्क़ है
जो इबादत से बढ़ के हो वो इश्क़ है

जो कभी ठहर न पाये वो इश्क़ है
जिसमे आज़माइश न हो वो इश्क़ है
जो आकिबत के पर हो वो इश्क़ है
जो आस के आसीन न हो वो इश्क़ है 

Life

They say the glass is half empty
and i say its half full
An eternal optimist at heart i am
don't let a moment go dull

Life is a question unanswered
and will always be that way
Some days start bright and high
full of hope and golden ray
And some nights are long dark ones
full of despair and dismay

But you keep your head high
at all times to come
For there is the optimist heart
to take care and some

Dark ones will go away
and this life will awake
to take you to the eternal bliss
forever forever forever!!