दो प्रेमियों की गुफ्तगू:
1:
1:
नए ही नक्श हैं, नए मिजाज़ आज
कहाँ से आता है इतना इश्क़ जनाब
कहाँ से आता है इतना इश्क़ जनाब
इश्क़े दास्तां आपकी महरबानी हे
मिजाज़ आपका शेतानी हे||
मिजाज़ आपका शेतानी हे||
2:
नक्श तो वही पुराने हें
उनहें देखने वाली निगह रुहानी हे
नक्श तो वही पुराने हें
उनहें देखने वाली निगह रुहानी हे
निगाहें ही तो सारे रश्क़ कर गयीं
दोनों के दरमियाँ, कितना कुछ शुरू कर गयीं||
दोनों के दरमियाँ, कितना कुछ शुरू कर गयीं||
1:
निगाहों को सारा दोष ना दो
ये तो झरोखें हें दिल की
असली मुलज़िम तो ये दिल हे,
जो धड़कना सीख गया
ये तो झरोखें हें दिल की
असली मुलज़िम तो ये दिल हे,
जो धड़कना सीख गया
अरसे बाद धड़का है
बड़ा हसीं एहसास है
दिल का एक टुकड़ा
अब तुम्हारे पास है||
बड़ा हसीं एहसास है
दिल का एक टुकड़ा
अब तुम्हारे पास है||
2:
तुम रखना संभाल के जो
दे दिया तुम्हें अनजाने में एक बार
फिर अरसा गुज़ारने की हिम्मत कम बाकी है
हसरतों का हुजूम है बेबाक फिरती हैं नज़रें
सुलूक ये सारा बस तुमसे ही सीखा मैंने||
दे दिया तुम्हें अनजाने में एक बार
फिर अरसा गुज़ारने की हिम्मत कम बाकी है
हसरतों का हुजूम है बेबाक फिरती हैं नज़रें
सुलूक ये सारा बस तुमसे ही सीखा मैंने||
1:
ये आँखें तुम्हारी, हैं अमानत हमारी
इन्हें रोने का हक अब नही है
जिस दिन बहें ऑसू इनसे
कर्ज़दार हो जाओगे आप हमारे||
इन्हें रोने का हक अब नही है
जिस दिन बहें ऑसू इनसे
कर्ज़दार हो जाओगे आप हमारे||
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